सभासदों ने डीएम को बताया कि नगर में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जगह-जगह स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और नालों की सफाई न होने से बदबू व जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
बजट को लेकर भी विवाद
प्रतिनिधि मंडल ने अप्रैल से अगस्त तक के पारित बजट पर भी सवाल खड़े किए। सभासदों का कहना था कि बजट उपलब्ध ही नहीं था, फिर भी अधिकारियों ने जबरन उसे पास करा लिया। उनका आरोप है कि बजट में पारदर्शिता नहीं है और जनहित की योजनाओं को दरकिनार कर मनमानी की गई है। सभासदों ने नेहरू पार्क से शिलापट्ट तोड़ने और वहां लगी जानवरों की मूर्तियां हटाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह जनता की भावनाओं से जुड़ा विषय है, जिस पर बिना अनुमति कार्रवाई की गई।
डीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रतिनिधि मंडल की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से जांच और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सभासदों ने स्पष्ट कहा कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे नगर विधायक और राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने मौजूदा बजट को रद्द करने, नई बैठक बुलाने और किसी प्रशासनिक अधिकारी को नामित कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।