पुणे की कंपनी से किया गया अनुबंध
इसके लिए नगर निगम द्वारा कई बार टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन शर्तों के अनुरूप ऑपरेटर नहीं मिलने के कारण कार्य शुरु नहीं हो सका था। अब जिस कंपनी को अनुबंधित किया गया है, वह पहले से ही नवी मुंबई समेत महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में सफलतापूर्वक इलेक्ट्रिक बसें संचालित कर रही है। रीवा से सतना, सीधी और जबलपुर तीनों मार्गों पर दो-दो बसें चलाई जाएंगी। कंपनी के प्रतिनिधियों ने हाल ही में रूट का निरीक्षण कर अनुमान लगाया है कि बसें रीवा से सतना और सीधी के लिए तीन से चार चक्कर एक दिन में लगा सकती हैं। जल्द ही इसकी रूपरेखा भी तय कर ली जाएगी।
40 बसों की क्षमता वाला डिपो तैयार
शहर में 40 बसों की पाकग और चाचग क्षमता वाला आधुनिक डिपो पहले ही तैयार किया जा चुका है। प्रारंभ में छह बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही चार्जिंग स्टेशनों और स्टॉपेज चिन्हांकन के लिए नगर निगम एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम निरीक्षण कर रही है। नगर निगम को राज्य सरकार की ओर से शीघ्र ही अतिरिक्त स्टाफ का आवंटन भी किया जाएगा जिससे इस योजना को सुचारु रुप से लागू किया जा सके।
रीवा सहित सात सहायक कंपनियां करेंगी निगरानी
सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संचालन के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी का गठन किया है। संभाग स्तर पर क्षेत्रीय सहायक कंपनियां गठित की जा रही हैं। जिसमें रीवा के साथ ही भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, ग्वालियर शामिल हैं। यह सभी संभागीय मुख्यालय में होंगी। इसके बोर्ड में शासन द्वारा नामांकित लोक सेवक अध्यक्ष होगा। संभागीय मुख्यालय के कलेक्टर, निगम आयुक्त, कंपनी कार्यक्षेत्र के कलेक्टर्स, पीडब्ल्यूडी और आरईएस के चीफ इंजीनियर, एमपीआरडीसी के संभागीय अधिकारी शामिल होंगे। संभागीय शहरों में पहले से गठित कमेटी के सदस्य भी शामिल होंगे। जिसमें महापौर के साथ ही कलेक्टर, एसपी, निगम आयुक्त, एसडीएम, आरटीओ, डीएसपी ट्रैफिक आदि शामिल हैं। इस समिति द्वारा मार्ग किराया, बस आवृत्ति, स्टॉपेज आदि की निगरानी व समन्वय देखेंगे।
शहरी क्षेत्र में ठप होने लगी सूत्र सेवा
एक ओर जहां नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की जा रही है, वहीं सूत्र सेवा की पुरानी शहरी बसें अब शहर में कम नजर आ रही हैं। पहले रेलवे स्टेशन से चोरहटा, रतहरा, विश्वविद्यालय, सगरा, गोविंदगढ़ जैसे क्षेत्रों में चलने वाली बसें अब लगभग बंद हो गई हैं। हालांकि सूत्र सेवा की लंबी दूरी की लग्जरी बसें अब भी सतना, जबलपुर और छतरपुर के लिए चल रही हैं और समय पालन के चलते नियमित यात्रियों की पसंद बनी हुई हैं।
सीएम सुगम परिवहन सेवा योजना में रीवा शामिल
प्रदेश सरकार द्वारा शुरु की गई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के दूसरे चरण में रीवा को भी शामिल किया गया है। इस योजना को अप्रेल माह में कैबिनेट से मंजूरी मिली थी। पहले चरण में भोपाल, इंदौर और मालवा क्षेत्र के शहर शामिल किए गए थे, जबकि दूसरे चरण में रीवा के साथ विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के शहरों को जोड़ा गया है। इस योजना के तहत परिवहन का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। बसें सरकार नहीं खरीदेगी, बल्कि निजी ऑपरेटर संचालन करेंगे और सरकार उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
अभी 6 बसों का शुरू होगा संचालन
इलेक्ट्रिक बस का टेंडर हो गया है। जल्द ही छह बसों का संचालन शुरु हो जाएगा। यह बसें रीवा से सीधी, सतना और जबलपुर के लिए चलेंगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की तारीख शासन के स्तर से तय होगी, प्रक्रिया चल रही है। मुरारी कुमार, चीफ आपरेटिंग आफिसर नगर निगम रीवा