देर रात तक नहीं लौटे थे घर
22 अगस्त की शाम रणधीर यादव अपनी स्कॉर्पियो से घर से निकले थे और देर रात तक नहीं लौटे। पत्नी बबली यादव, जो वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं, ने नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस की कई टीमों ने तलाश शुरू की। इस दौरान रणधीर की स्कॉर्पियो चित्रकूट में लावारिस हालत में मिली। 25 अगस्त को बबली ने पुलिस को तहरीर देकर उदय यादव और राम सिंह पर अपहरण का आरोप लगाया। जांच में पता चला कि रणधीर, राम सिंह के साथ स्कॉर्पियो में था। दोनों ने रास्ते में एक ढाबे से खाना और शराब ली। इसके बाद राम सिंह, सुजीत और विजय रणधीर को मलाक हरहर, फाफामऊ ले गए और वहीं उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
शव फेंकने के बाद खुला राज
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बमरौली रेलवे स्टेशन आउटर पर फेंक दिया। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी राम सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरी वारदात का खुलासा किया। इसके बाद मुख्य आरोपी उदय यादव की सास लीला यादव को भी हिरासत में लिया गया। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि रणधीर और उदय यादव की पत्नी के बीच नज़दीकी संबंध थे। यह बात उदय और उसके ससुराल वालों को पता चल गई थी। इसी बीच 11 जुलाई को उदय की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद उदय ने बदला लेने के लिए रणधीर की हत्या की साजिश रची। पुलिस का कहना है कि इस साजिश में उदय ने अपनी सास, भाई विजय, साथी राम सिंह और सुजीत सहित कई लोगों को शामिल किया। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी उदय यादव की तलाश कर रही है।