आपकी बात : ‘हिट एंड रन’ के बढ़ते मामलों पर किस तरह अंकुश लगाया जा सकता है?
पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं, प्रस्तुत हैं पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं


कड़े कानून और सख्त सजा का प्रावधान हो
हिट एंड रन के बढ़ते मामले समाज और सड़क सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कानून और सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए। इसमें जुर्माना और सजा इतनी कठोर हो कि लोग लापरवाही से वाहन चलाने से डरें। दोषी को समय पर पकडऩे और सज़ा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं। न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष होकर शीघ्रता से हो जिसमें राजनीतिक दबाव या रसूख का कोई स्थान न हो।
– संजय निघोजकर, धार (मप्र)
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जनता में जागरूकता जरूरी
‘हिट एंड रन’ के मूल कारण समाज में फैली हुई मानवीय असंवेदनशीलता और व्यक्ति विशेष का गैर जिम्मेदार व्यवहार का होना है। ‘हिट एंड रन’ को रोकने की दिशा में निम्न प्रयास सहायक हो सकते हैं-
1. हिट एंड रन की स्थिति में प्रकरण की गंभीरता, सजा एवं जुर्माने के निर्धारण में मानवीय पक्षों का समावेश।
2. दुर्घटना के पश्चात पुलिस को सूचना देना, घायल को तत्काल उपचार उपलब्ध करना आदि।
3. समाज में हिट एंड रन के सभी संभावित कारणों, उनसे बचने के उपायों और दुर्घटना घटित हो जाने पर किए जाने वाले प्राथमिक प्रयासों को कार्यशाला, बैनर, पोस्टर एवं ऑनलाइन माध्यम से प्रचार-प्रसार करना जिससे लोगों मे व्याप्त भ्रांतियां दूर हो और लोग जागरूक बने।
– मनोज कुमार मिश्र, सतना, मध्य प्रदेश
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नियंत्रित गति में चलें चौपहिया वाहन
हिट एंड रन के मामले कम करने के लिए चार पहिया वाहनों को नियंत्रित गति में चलाना जरूरी हो जाता है, जिन पर यातायात कर्मियों को अपनी पैनी नजर रखनी होंगी। बच्चों के हाथों आजकल की आधुनिक गाडिय़ों की चाबियां पकड़ाने से उनसे पहले हिट करने की घटना होती है और फिर उनके रन करने की नौबत आ जाती है। बच्चों को वाहनों को चलाने के लिये बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
– नरेश कानूनगो ‘शोभना’, देवास, म.प्र.
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सख्त कार्रवाई की दरकार
हिट एंड रन केस के बढ़ते मामले चिंतनीय है। इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिर चाहे उसमें कोई भी शामिल हो। क्योंकि इस तरह के मामलों में जान-माल का बड़ा नुकसान हो जाता है।
– साजिद अली, इंदौर
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पुलिस प्रशासन का सतर्क होना जरूरी
हिट एंड रन के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। पुलिस प्रशासन का सतर्क होना बहुत जरूरी है चौराहों पर। सीसीटीवी कैमरों से स्पीड जांच होनी चाहिए। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों, तेज गति से वाहन चलाने वालों और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे मामलों के लिए फास्ट्र ट्रैक कोर्ट होनी चाहिए। दोषी पाए जाने पर कठोर सजा और भारी जुर्माना लगाना चाहिए। पीडि़त परिवारों को तत्काल मुआवजा देने के लिए सरकारी कोष या बीमा स्कीम और मजबूत की जानी चाहिए।
– लहर सनाढ्य, उदयपुर, राजस्थान
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कानून का डर दिखाना जरूरी
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में हिट एंड रन की 47,806 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 50,815 लोगों की मौत हुई। हिट एंड रन की दुर्घटनाएं बढऩे का मुख्य कारण लचर कानून व्यवस्था और कमजोर न्याय प्रणाली है, जिस कारण लोगों में कानून का डर नहीं है।
– शुभम वैष्णव, सवाई माधोपुर, राजस्थान
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मुख्य चौराहों पर तैनात करें पुलिस
मुख्य चौराहों पर वॉकी-टॉकी से लैस मुस्तैद पुलिसकर्मियों को तैनात कर, सीसीटीवी कैमरे लगाकर तथा दोषियों के खिलाफ यातायात नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई जैसे लाइसेंस निरस्त करना, जेल भेजना आदि करने से ‘हिट एंड रन’ के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
– वसंत बापट, भोपाल
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ड्राइवरों को शिक्षित करना जरूरी
ड्राइवरों को सड़क सुरक्षा नियमों और हिट एंड रन की घटनाओं के बारे में शिक्षित करना बहुत जरूरी है। इससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है और लोगों की जान बचाई जा सकती है। ड्राइवर को दुर्घटना के बाद रुकना चाहिए और पीडि़त की मदद करनी चाहिए, साथ ही पुलिस को भी सूचित करना चाहिए।
– अजीतसिंह सिसोदिया, बीकानेर
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ठोस व कारगर तरीके अपनाने होंगे
हिट एंड रन मामलों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को ठोस व कारगर तरीके अपनाने होंगे। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैकस्पॉट को चिह्नित कर वहां वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने के लिए जगह-जगह संकेतक लगाए जाने चाहिए। साथ ही राजमार्गों पर चिह्नित स्थानों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए संकेतक लगाए जाने चाहिए और सीसीटीवी कैमरे लगाकर तेज गति से चलने वाहनों पर नजर रखी जानी चाहिए। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वाले और वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरवाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
– शैलेन्द्र टेलर, उदयपुर
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चालान काटने की कार्रवाई तेज हो
हिट एंड रन की बड़ी वजह तेज गति से वाहन चलाना और ओवरटेकिंग है। इनको कम करने के लिए गति सीमा से ज्यादा स्पीड होने पर तुरंत चालान काटा जाए। आमजन को भी जागरूक होकर ‘जान है तो जहान है’ को दिल और दिमाग में अच्छे से बैठा लेनी चाहिए।
– निर्मला वशिष्ठ, राजगढ़, अलवर
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चेकिंग अभियान पर हो जोर
‘हिट एंड रन’ के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जनजागरूकता जरूरी है। नियमित रूप से सभी प्रकार के वाहनों के लिए चेकिंग अभियान शुरू किया जाना चाहिए और नशे के हालत, तेज रफ्तार में वाहनों को चलाने, ओवर लोड वाहनों के चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
– आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
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सख्त नियम और सख्त सजा होनी चाहिए
हिट एंड रन के बढ़ते मामले गंभीर अपराध बनते जा रहे हैं। सबसे पहले राज्य सरकारों के साथ मिलकर वाहन चालकों में जागरूकता पैदा करनी होगी। ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाकर यह सुनिश्चित करना होगा कि तमाम वाहन निर्धारित गति से चलें। लाइसेंस जारी करने से पूर्व तमाम मानकों की कड़ाई से जांच होनी चाहिए। सख्त नियम और सख्त सजा होनी चाहिए।
– शालिनी ओझा, बीकानेर, राजस्थान
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सीसीटीवी से हो निगरानी
हिट एंड रन के मामले ट्रेस हो पाना मुश्किल होता है। पीडि़त अगर भाग रही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर ले तो काम बन सकता है। पर अफरा तफरी के माहौल में ऐसा हो नहीं पाता है। सीसीटीवी कैमरों से भी आरोपी को पकडऩे में मदद मिल सकती है।
– ललित महालकरी, इंदौर
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