एक अप्रैल 2019 से पहले का वाहन उपयोग कर रहे हैं तो एचएसआरपी नंबर प्लेट का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। जिले में एक लाख 78 हजार वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने का लक्ष्य है। 13242 वाहनों में लगाए जा चुके हैं। 18 हजार वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। जिन्हें शीघ्र ही एचएसआरपी नंबर प्लेट मिल जाएंगे। वहीं अन्य वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा शिविर लगाया जा रहा है। इसके बाद भी लोग वाहनों का नंबर प्लेट अपडेट कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं होने पर ऑनलाइन चालान भी काटा जा सकता है। इससे बचने के लिए एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य है।
परिवहन विभाग के अधिकारी आरके ध्रुव ने बताया कि अप्रैल 2019 से पहले के वाहन जिन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाहन पोर्टल में लोड नहीं हुआ है, उन्हें परिवहन विभाग की अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। परमिट, आरसी बदलाव आदि कार्य नहीं हो पाएंगे। पहले हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है।
ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग पाए हैं। नंबर प्लेट को लेकर लोग जागरूक नहीं हुए हैं। राजधानी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होने पर कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मोबाइल पर नहीं आ रही ओटीपी
कई वाहन चालकों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी नहीं आ रही है। इस कारण लोगों को मोबाइल नंबर परिवहन विभाग में आकर सुधारना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत दूर-दराज में रहने वाले लोगों को हो रही है। उन्हें जिला मुयालय नंबर अपडेट कराने आना पड़ रहा है। उनके अतिरिक्त पैसे भी खर्च हो रहे हैं। ओटीपी नहीं आने से लोग परेशान हैं। जबकि, उसी मोबाइल पर अन्य गतिविधियों की ओटीपी आ रही है।
ये कार्य होंगे प्रभावित
परमिट, टैक्स जमा करने से लेकर फिटनेस प्रमाण-पत्र, गाड़ी बेचते समय दूसरे ग्राहक के नाम पर ट्रांसफर, पता बदलने का कार्य, स्वामित्व बदलना, ऑनलाइन चालान भरने जैसे कार्य नहीं हो पाएंगे।