बाबा देता है शक्ति, तकलीफें नहीं रखती मायने
मध्यप्रदेश से पैदल यात्रा पर सवाईलाल और अन्य श्रद्धालु बताते है कि रास्ते व दर्शन के दौरान जो भी मुश्किलें आती है, उन्हें सहन करने की शक्ति बाबा देता है। गुजरात के बनासकांठा से आए रमणभाई ने बताया कि उनके लिए छोटी-मोटी तकलीफें कोई मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा कि रास्ते में आने वाले कष्ट बाबा स्वयं हर लेता है। स्वस्थ व्यक्ति के साथ ही बाबा की समाधि के दर्शनों के लिए कई दिव्यांग भी यहां पहुंचते है। कोई ट्राइसाइकिल से आता है, कोई वैशाखी के सहारे तो कोई थ्री-व्हीलर स्कूटी लेकर पहुंच रहा है। शारीरिक रूप से सक्षम होने के बावजूद उनका जोश व उत्साह चरम पर नजर आता है।
नारों से मिटा रहे थकान
सैकड़ों किलोमीटर के सफर की थकान भी ये श्रद्धालु नारों से मिटा रहे है। सफर के दौरान बाबा के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु आगे बढ़ रहे है। इसके अलावा इन श्रद्धालुओं के संघ के साथ डीजे भी चल रहे है। जिन पर चलते भजनों पर अपने दर्द को भूलकर श्रद्धालु झूमते हुए नजर आ रहे है।