डायरेक्ट एडमिशन की अंतिम तारीख
CBSE के निर्देशों के अनुसार, कक्षा 10 और 12 में डायरेक्ट एडमिशन की प्रक्रिया केवल 31 अगस्त 2025 तक ही मान्य होगी। इसके बाद किसी भी छात्र का नया प्रवेश नहीं लिया जाएगा। स्कूलों को इन मामलों का पूरा ब्योरा अलग से तैयार करना होगा और सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स के साथ यह जानकारी 2 सितंबर 2025 तक संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में भेजनी होगी।
विषय परिवर्तन के नियम
बोर्ड ने विषय परिवर्तन के लिए भी वही समय सीमा तय की है। यदि कोई छात्र विषय बदलना चाहता है तो उसकी प्रक्रिया 31 अगस्त 2025 तक पूरी कर ली जानी चाहिए। स्कूलों को ऐसे मामलों का रिकार्ड तैयार कर 2 सितंबर तक रीजनल ऑफिस को भेजना होगा। सभी मामलों की अंतिम मंजूरी 15 सितंबर 2025 तक दी जाएगी।
विशेष परिस्थितियों में छूट
CBSE ने सामान्य स्थितियों में तो किसी भी तरह की देरी को मंजूरी देने से इनकार किया है लेकिन सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को विशेष छूट दी जाएगी। यदि किसी विद्यार्थी के माता या पिता की सरकारी सेवा में ट्रांसफर होता है और इसके कारण अगस्त के बाद प्रवेश की आवश्यकता पड़ती है तो ऐसे मामलों पर विचार किया जाएगा। स्कूलों को इन मामलों की जानकारी और डाक्यूमेंट्स प्रवेश की तारीख से दो दिन के भीतर क्षेत्रीय कार्यालय तक पहुंचाने होंगे।
सख्त पालन की चेतावनी
बोर्ड ने यह भी दोहराया है कि 31 अगस्त के बाद किसी भी स्कूल को डायरेक्ट एडमिशन या विषय परिवर्तन का मामला स्वीकार नहीं करना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल और हेड पर होगी। CBSE ने कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर आयोजित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
नए क्षेत्रीय कार्यालय
CBSE ने क्षेत्रीय ढांचे में बदलाव की घोषणा भी की है। 1 सितंबर 2025 से लखनऊ, गुरुग्राम, रांची और रायपुर में नए क्षेत्रीय कार्यालय काम करना शुरू करेंगे। तब तक के लिए प्रवेश और विषय परिवर्तन से जुड़े मामलों को पुराने कार्यालयों यानी प्रयागराज, पंचकूला, पटना और भुवनेश्वर से ही निपटाया जाएगा। इसके अलावा अगरतला, ईटानगर और गंगटोक स्थित उप-कार्यालयों के सभी मामले गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से भेजे जाएंगे। CBSE के इन नए दिशा-निर्देशों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रवेश और विषय परिवर्तन की प्रक्रिया समय पर और पारदर्शी ढंग से पूरी हो। छात्रों और स्कूलों के लिए जरूरी है कि वे अंतिम तारीख से पहले ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।