दो बार पढ़ाया जा चुका है अनुशासन का पाठ
भाजपा सांसद और विधायकों को बीते एक साल में राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दो बार अनुशासन का पाठ पढ़ाया जा चुका है। एक बार स्वयं पीएम मोदी जमीन से जुड़कर काम करने की नसीहत दे चुके हैं। उसके बाद पचमढ़ी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में अनुशासित रहना सिखाया गया। लेकिन अब भी पार्टी लाइन क्रॉस कर रहे हैं। महिला कलेक्टर से अभद्रता के आरोप
डिंडोरी विधायक ओमप्रकाश धुर्वे भी हाल ही में डिंडोरी की महिला कलेक्टर (dindori Collector) पर सार्वजनिक टिप्पणी कर चुके हैं। जनसुनवाई में धुर्वें ने कहा था कि कलेक्टर जनता का सेवक होता है, उन्हें काम करने के लिए यहां भेजा गया है। न कि मुर्गा और बकरा खाने के लिए जिले में भेजा गया है।
पिछले माह इनकी लग चुकी है क्लास
भाजपा संगठन सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा लांघने वाले नेताओं और उनके पुत्रों के खिलाफ पहले ही कसावट कर चुका है। भाजपा
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पिछले माह नेता पुत्रों की गुंडागर्दी और रसूख को लेकर विधायक गोलू शु0ला और प्रदीप अग्रवाल को तलब कर पुत्रों को दो टूक नसीहत दी थी। इसके अलावा महिला पुलिस अधिकारी से अभद्रता करने वाले सेमरिया से पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी को भी अनुशासन में रहने की नसीहत दी थी।
अनुशासन को लेकर संगठन गंभीर
संगठन अनुशासनात्मक मामलों को लेकर गंभीर है। पहले भी ऐसे मामलों पर संज्ञान लिया गया है। और आगे भी लिया जाएगा। -हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा।