भर्तृहरि बाबा के मेले को लेकर नटनी का बारा माधोगढ़, कुशालगढ़ और भर्तृहरि धाम तक जगह-जगह पर मेले में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए ग्रामीणों की ओर से प्याऊ खोलना प्रारंभ हो गई है। रात-दिन भरने वाले मेले को लेकर श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारे की व्यवस्था के लिए टेंट लगाना भी प्रारंभ हो गए।
आते हैं देशभर से श्रद्धालु मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु देशभर से आकर दर्शन कर मन्नत मांगते हैं। राजगढ़, दौसा, बांदीकुई, मालाखेड़ा, अलवर, जयपुर, थानागाजी, नारायणपुर की ओर से पदयात्री मेले में पहुंच रहे हैं।
प्रशासन की ओर से व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद भर्तृहरि मेले की तैयारियां भी लगभग पूरी हाे चुकी है। जिसमें 29 अगस्त को भर्तृहरि मेले का उद्घाटन होगा। 30 अगस्त को लक्खी मेला रात-दिन का भरा जाएगा। एक सितंबर को मेले का समापन होगा। प्रशासन ने भी इसके लिए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली है।
दंडोति देते पहुंच रहे यात्री भर्तृहरि बाबा के स्थान पर श्रद्धालु बरसात और जर्जर रास्ता होने पर भी दंडोती देते हुए आस्था पूर्वक पहुंच रहे हैं। अलवर-जयपुर हाईवे पर अलापुर निवासी बूटासिंह सरदार दंडोति देते हुए भर्तृहरि बाबा के लिए रवाना हुए। उनके साथ आए श्रद्धालु भी उनकी सहायता करते नजर आए। रोड पर बरसात के कारण कीचड़ हो रही है और गड्ढे भी है। क्षेत्र में सुख-समृद्धि के लिए कामना कर रहे हैं। क्षेत्र के क्यारा, काबलीगढ़, किशोरी, अजबगढ, जैतपुर, सिलीबावड़ी, आगर नांगल सहित अनेक गांवों से पदयात्रियों का जत्था बाबा भर्तृहरि के दर पर पहुंचने लगा है। इसके दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश सहित दूर-दूर से श्रद्धालु बसों से आने लगे हैं।