राजस्व संकलन में प्रदेश में टॉप-छह विभागों में से एक
सूत्रों के अनुसार परिवहन विभाग राजस्व संकलन में प्रदेश में टॉप-छह विभागों में से एक है। गौरतलब है कि सीकर में पूर्व में पदस्थापित रही डीटीओ भारती नैथानी, डीटीओ सुप्रिया विश्नोई, ने लिखे अपने पत्रों में खाली जगह चिन्हित कर जमीन तक बताई थी लेकिन इस विषय पर कोई अमल नहीं हुआ। ऐसे में विभाग के अधिकारी मजबूरी में वाहन जब्त नहीं कर पा रहे हैं जिससे राजस्व प्रभावित हो रहा है। आरटीओ, सीकर के अधीन सीकर, नीमकाथाना, चूरू, झुंझुनूं, सुजानगढ़, खेतड़ी सहित छह डीटीओ कार्यालयों में से एक में भी सीजर यार्ड नहीं है।
हर वर्ष छह लाख से अधिक वाहन होते हैं –
परिवहन विभाग पूरे राजस्थान में हर साल छह लाख से अधिक अवैध और ओवरलोड वाहनों की जांच के बाद चालान-सीज की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इन वाहनों को खड़ा करने के लिए जयपुर आरटीओ को छोड़कर किसी भी जिले में आरटीओ-डीटीओ के पास सीजर यार्ड नहीं है। आरटीओ सीकर के अधीन आने वाले सभी छह डीटीओ कार्यालयों के अधिकारी वाहनों को कार्यालय के बाहर व थानों, धर्मकांटा, पुलिस चौकियों के बाहर सड़क पर खड़ा करने को मजबूर हो रहे हैं। कई बार जब्त वाहनों का सामान तक चोरी हो चुका है।
इस उदाहरण से समझिए सीजर यार्ड नहीं होने से परिवहन अधिकारियों हो होने वाली परेशानी –
वाहन के टक्कर मार परिवहन निरीक्षक व गार्ड को किया था घायल-
जयपुर के कालवाड़ क्षेत्र में एक महीने पूर्व धर्मकांटा के पास अवैध बजरी परिवहन पर कार्रवाई करने वाले परिवहन निरीक्षक अनिल बसवाल के वाहन को टक्कर मार दी थी। आरोपी जब्त किए डम्पर से बजरी खाली कर मौके से डंपर भगा ले गए थे। इसमें बसवाल व उनके साथ तैनात गार्ड को चोंटे आई थी। वहीं वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। परिवहन निरीक्षक बसवाल ने आरोपियों के खिलाफ कालवाड़ थाना में मामला दर्ज करवाया था।
इनका कहना है :
मुख्यालय के निर्देश हैं कि जिला प्रशासन से संपर्क करके सीजर यार्ड के लिए जमीन आवंटित करवाएं। हम कलक्टर से मिल इस समस्या के बारे में बात करेंगे। हां यह सही है कि आरटीओ सीकर कार्यालय में पूर्व में रहे डीटीओ ने इस संबंध में कई बार पत्राचार भी किए थे लेकिन हमें सीजर यार्ड के लिए अभी तक जमीन आवंटित नहीं हुई है।
एमपी मीना, आरटीओ, सीकर