जीवामृत तैयार करने देसी गाय का दस किलो गोबर, दस किलो गौमूत्र, दो किलो वेसन, दो किलो गुड़, दो किलो काली मिट्टी एक ड्रम में डालकर दो सौ लीटर पानी डाल दें। करीब पांच दिन इसे ड्रम में रखना है और हर दिन घड़ी की दिशा में डंडा से इसे घुमाना है। इसके बाद इस पानी का 30 से 40 दिन की एक एकड़ फसल पर छिडक़ाव करना है। साथ ही ड्रम में बची हुई सामग्री में दो सौ लीटर पानी डाल दें और पांच दिनों की प्रक्रिया के बाद पानी निकाल लें। एक बार की सामग्री से दो एकड़ का जीवामृत तैयार होगा।
जीवामृत से मिट्टी की उर्वरकता बढ़ती है, कीट नहीं होते हैं, पर्यावरण प्रदूषित नहीं होता है और मनुष्य के स्वास्थ्य पर असर नहीं पड़ता। यदि कोई किसान एक एकड़ में जीवामृत का उपयोग करता है, तो 4000 रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए किसानों को जागरुक किया जा रहा है।
अवधेश राय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बीना