क्रूरता ऐसी की लाशें सड़ रहीं थीं तो वहीं जीवित कुछ मवेशियों के पैरों को तार से बांध दिया गया है। इससे पैरों में जख्म हो गया है। मवेशियों की मौत और पशुक्रूरता को लेकर बजरंग दल ने एफआईआर की मांग करते हुए एसपी के नाम पर सीएसपी को ज्ञापन सौंपा है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर मृत मवेशियों के शव का पोस्टमार्टम कराया। घायल मवेशियों का उपचार किया।
कमजोर हो चुके
इधर ग्राम पंचायत की ओर से गौठान में रखे गए मवेशियों की हालत को देखते हुए पूर्व में पत्र लिखकर बता दिया था कि यहां आसपास भटकने वाले मवेशियों को गौठान में रखा गया है, जहां उचित व्यवस्था नहीं है। चारा, पानी से लेकर शेड तक की सुविधा नहीं है। पंचायत ने यह भी बताया था कि कुछ मवेशी कमजोर हैं, अगर इनकी मौत हो जाती है तो पंचायत जिम्मेदार नहीं होगी। पत्राचार के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए गए। रविवार को बजरंग दल को जब इसकी सूचना मिली तो मौके पर निरीक्षण किया गया। यहां मवेशी मृत पाए गए। गौठान के साथ ही बाजू में बह रहे नाले के पास भी मवेशियों के शव सड़ते हुए पाए गए। शव की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि इनकी मृत्य चार से पांच दिन पहले हुई है।
जख्मी हालत में मवेशी
मौका मुआयना के दौरान क्रूरता की तस्वीर सामने आई। यहां कुछ मवेशियों के पैरों को तार से बांध दिया गया है। तार गड़ने के कारण मवेशी जख्मी हालत में हैं। चलने, फिरने में परेशानी हो रही है। यहां रखे गए ज्यादा मवेशी चारा, पानी के अभाव में कमजोर हो गए हैं।
पहले ही दी गई थी सूचना
गांव के सरपंच प्रतिनिधि व पूर्व जनपद सदस्य गोपीचंद गायकवाड़ का कहना है कि गौठान में 50 से 60 मवेशी रखे गए हैं। पंचायत स्तर पर चारा, पानी का इंतजाम किया गया पर पर्याप्त नहीं है। इसलिए प्रशासन से पत्राचार कर व्यवस्था बनाने की मांग की गई थी पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। पहले से बता दिया गया था कि कुछ मवेशी कमजोर हैं। पोस्टमार्टम किया गया
मृत मवेशियों के शव का पोस्टमार्टम किया गया है। रिपोर्ट अभी नहीं आई है। घायल
मवेशियों का उपचार हुआ है। मवेशियों को सरपंच ने गौठान में रखवाया है। यह गौठान फिलहाल बंद है। – डॉ. प्रतिभा भोसले, उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग राजनांदगांव