दिल्ली में हुई मुलाकात
बैठक के पहले शिवराज सिंह चौहान एक कार्यक्रम के लिए प्रगति मैदान के भारत मंडपम में मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान की संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ बैठक झंडेवालान स्थित संघ कार्यालय केशवकुंज हुई । जिसमें बंद कमरे के अंदर करीब 45 मिनट तक बातचीत चली।पार्टी जल्द कर सकती है संगठनात्मक बदलाव
उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक बदलाव कर सकती है। उस लिहाजे से शिवराज सिंह चौहान की मोहन भागवत की मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश में कयासों का बाजार गर्म हो गया है।दो साल पहले भी 45 मिनट हुई थी चर्चा
मध्य प्रदेश 2023 विधानसभा चुनाव से आठ महीने भी तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की संघ प्रमुख मोहन भागवत से नागपुर में 45 मिनट तक बंद दरवाजे में बातचीत हुई थी। इसमें खास बात यह है कि इस बार भी संघ प्रमुख से शिवराज सिंह चौहान की 45 मिनट ही बंद दरवाजे के भीतर बातचीत हुई है।
अचानक मुलाकात के क्या मायने
उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक बदलाव कर सकती है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भाजपा और संघ के बीच कई नामों को लेकर साल भर से मंथन चल रहा है। बीच में कई बार शिवराज सिंह चौहान का नाम भी पार्टी के शीर्ष पद की रेस में आया है। विश्लेषक इस बैठक के अलग-अलग मायने निकल रहे हैं। हालांकि, बंद कमरे के भीतर संघ प्रमुख मोहन भागवत और शिवराज सिंह चौहान के बीच 45 मिनट तक चली बैठक में क्या बातचीत हुई? इस पर अभी तक सस्पेंस बरकरार है।राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर शिवराज सिंह ने दिया था ये जवाब
18 जुलाई को शिवराज सिंह चौहान से एक पॉडकास्ट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दावेदारी के बारे में पूछा गया था। जिसमें उन्होंने जवाब दिया था कि “जब आप एक बड़े मिशन, एक बड़े उद्देश्य का हिस्सा होते हैं, तो आप अपने बारे में कैसे तय कर सकते हैं कि मैं यह काम करूंगा? फिर वह बड़ा मिशन तय करेगा कि आप कहां काम करोगे।”