बताया जा रहा है कि शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे उत्पाद विभाग को यूपी से शराब की बड़ी खेप आने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर बलथरी चेक पोस्ट से उत्पाद विभाग की टीम तस्करों का पीछा करने निकली। सिपाया पहुंचने पर तस्करों ने टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में होमगार्ड जवान अभिषेक को सिर में गहरी चोट लगी, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण वह मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लगाया साजिश का आरोप
मृतक के परिजनों ने इसे साजिश करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। मौके पर पहुंचे मद्य निषेध अधीक्षक अमृतेश कुमार ने बताया कि तस्करों का पीछा करते समय यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। बीते 30 सितंबर को गोपालगंज के कुचायकोट थाना क्षेत्र में शराब तस्करों ने होमगार्ड जवान बसंत मांझी को गोली मार दी थी। इसके अलावा, शुक्रवार को बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के चमनपुरा गांव में शराब बेचने का विरोध करने पर रिटायर्ड आर्मी मेजर उमेश पांडेय को उनके पड़ोसी ने गोली मार दी। उमेश, जो डायल 112 का ड्राइवर भी है, को गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि हमलावर पड़ोसी शराब का धंधा करता है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है, लेकिन शराबबंदी वाले बिहार में तस्करों की बेखौफ हरकतें चिंता का विषय बन रही हैं।