Lucknow Nagar Nigam Action: लखनऊ में डेढ़ गुना बढ़ा गृहकर टारगेट: दो लाख डिफाल्टर होंगे निशाने पर, हर जोन का तय हुआ कोटा
Lucknow Municipal Corporation Target: लखनऊ नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में डेढ़ गुना अधिक गृहकर वसूली का लक्ष्य तय किया है। लगभग दो लाख भवन स्वामी जो पिछले वर्ष टैक्स नहीं जमा कर सके, अब सीधे निशाने पर हैं। निगम ने वसूली के लिए मासिक व साप्ताहिक लक्ष्य भी तय कर दिए हैं।
लखनऊ में इस बार डेढ़ गुना अधिक गृहकर वसूलेगा नगर निगम, डिफाल्टरों की खैर नहीं
Lucknow Nagar Nigam House Tax Drive: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब भवन स्वामियों को गृहकर के नाम पर बड़ी रकम चुकानी पड़ सकती है। नगर निगम ने इस वर्ष गृहकर वसूली का लक्ष्य पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि इस बार निगम की नजर उन दो लाख भवन स्वामियों पर टिकी है, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में हाउस टैक्स जमा नहीं किया था। आदेश जारी कर दिए गए हैं और सख्त कार्यवाही की तैयारी शुरू हो चुकी है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 (अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक) में नगर निगम ने करीब 580 करोड़ रुपये की वसूली की थी, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 150 करोड़ रुपये अधिक थी। हालांकि उस वक्त के नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने 1000 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा था, जिसे पूरा नहीं किया जा सका। अब उनके स्थान पर नियुक्त नए नगर आयुक्त गौरव कुमार ने 900 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है, जोकि बजट में निर्धारित 683 करोड़ रुपये से काफी अधिक है।
क्यों बढ़ाया गया है लक्ष्य
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह के मुताबिक लखनऊ शहर में कुल 7.15 लाख भवन दर्ज हैं, जिनमें से केवल 5.05 लाख भवन मालिकों ने ही पिछले वर्ष हाउस टैक्स जमा किया। यानी करीब दो लाख भवन ऐसे हैं, जिनसे कोई टैक्स नहीं मिला। यही भवन अब निगम की वसूली योजना का मुख्य केंद्र होंगे।
सुशांत गोल्फ सिटी जैसे हाईटेक टाउनशिप भी आएंगे दायरे में
पिछले वर्ष नगर निगम शहीद पथ के किनारे स्थित अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फ सिटी से गृहकर नहीं वसूल पाया था। लेकिन इस बार राज्य सरकार के नए आदेश के बाद ये क्षेत्र भी हाउस टैक्स दायरे में आ गए हैं। इसके अतिरिक्त, सीमा विस्तार के बाद जो नए क्षेत्र नगर निगम सीमा में जुड़े हैं, वहां के भवनों का गृहकर निर्धारण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
वसूली बढ़ाने के लिए तय हुए चार अहम बिंदु
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए:
गृहकर रिकार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करें – जिन करदाताओं के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड में नहीं हैं, उन्हें मैनुअल बिल भेजें और नंबर अपडेट कराएं।
सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों को नोटिस – सभी सरकारी विभागों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया इस महीने पूरी करनी है।
गलत मोबाइल नंबर वाले भवन स्वामी – जिनके नंबर गलत फीड हैं, उनसे संपर्क कर सही जानकारी लें और टैक्स वसूली सुनिश्चित करें।
नए भवनों का गृहकर निर्धारण – हर रोज नए भवनों के हाउस टैक्स निर्धारण की रिपोर्ट तैयार की जाए।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वसूली लक्ष्य को हल्के में नहीं लिया जाएगा। जो भी अधिकारी या ज़ोनल प्रभारी लापरवाही या ढिलाई बरतते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई निश्चित है। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि शुरुआत से ही अगर सख्ती दिखाई जाए, तो लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
सरकारी विभाग भी रडार पर
इस बार न केवल आम नागरिक, बल्कि सरकारी और केंद्र सरकार के विभागों को भी पूरी तरह से हाउस टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है। जिन विभागों ने वर्षों से गृहकर नहीं चुकाया है, उन्हें अब नोटिस के जरिए बाध्य किया जाएगा। इससे उम्मीद है कि लक्ष्य पूरा करने में निगम को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
इस बार निगम ने हाउस टैक्स वसूली में डिजिटल ट्रैकिंग, ऑनलाइन पेमेंट विकल्प, और डेटा मॉडर्नाइजेशन पर भी काम शुरू किया है। इससे यह उम्मीद की जा रही है कि:
करदाताओं को जानकारी मिल सकेगी कि उनका टैक्स कितना बाकी है
गलत रिकॉर्ड्स में सुधार होगा
नकली छूट और गलत फीडिंग के मामलों पर लगाम लगेगी
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