JEE 2026: किन संस्थानों को मिला स्थान?
पुनर्गठित बोर्ड में देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों और संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इनमें, आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, आईआईटी रुड़की, एनआईटी राउरकेला, IIEST शिवपुर, आईआईआईटी हैदराबाद, आईआईआईटी ऊना (PPP) और आईआईआईटीडीएम कांचीपुरम के डायरेक्टर शामिल हैं। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों के प्रतिनिधि भी होंगे। बोर्ड में VIT, CBSE, NIC, C-DAC और शिक्षा मंत्रालय द्वारा नामित सदस्य भी रहेंगे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक को बोर्ड का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
JEE 2026: जेएबी (JAB) की जिम्मेदारियां
नए गठित जेएबी का मुख्य कार्य जेईई परीक्षाओं से जुड़ी नीतियों और प्रक्रियाओं पर अंतिम निर्णय लेना होगा। इसके अलावा जेईई (Main) से संबंधित नियम और दिशानिर्देश तय करना। जेईई (Advanced) आयोजित करने वाले संस्थान के साथ तालमेल बैठाना। साथ ही एनटीए में स्थायी सचिवालय का संचालन करना, जिसे जेईई इंटरफेस ग्रुप का सहयोग मिलेगा। परीक्षा से पहले और बाद की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, आईटी सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू करना। आधिकारिक नोटिस में यह भी कहा गया है कि NTA परीक्षा संचालन में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक सहयोग देगा और अपने मौजूदा संसाधनों का उपयोग करते हुए पूरे देश में जेईई को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करेगा।