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Santan Saptami 2025: निसंतान दंपत्ति जरूर करें सूर्यदेव का ये खास व्रत, जानें कब है संतान सप्तमी और क्यों है खास?

Santan Saptami 2025: संतान सप्तमी 2025 का व्रत माताओं के लिए संतान सुख और बच्चों की लंबी उम्र का आशीर्वाद देने वाला होता है। जानें इस साल संतान सप्तमी की तिथि, पूजा का महत्व, व्रत विधि और शुभ मुहूर्त। इस खास दिन के धार्मिक महत्व को विस्तार से समझें।

भारतAug 16, 2025 / 11:45 am

Dimple Yadav

Santan Saptami 2025

Santan Saptami 2025
(Photo- grok ai)

Santan Saptami 2025: हिंदू धर्म में संतान सप्तमी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को किया जाता है। इसे विशेष रूप से माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं। मान्यता है कि इस व्रत से संतान को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

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संतान सप्तमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में संतान सप्तमी व्रत 30 अगस्त 2025, रविवार को मनाया जाएगा।

सप्तमी तिथि प्रारंभ: 29 अगस्त, रात 8:25 बजे

सप्तमी तिथि समाप्त: 30 अगस्त, रात 10:46 बजे
पूजा का शुभ मुहूर्त (निशिता काल): सुबह 11:05 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक

इस दिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान सूर्य और संतान गोपाल की विशेष पूजा करती हैं।

संतान सप्तमी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संतान सप्तमी का व्रत करने से संतान के जीवन से नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। यह व्रत विशेष रूप से माताओं को अपनी संतान की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए करना चाहिए। पुराणों में उल्लेख है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से व्रत करने पर माता संतति सुख और संतान की आयु बढ़ाने का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।

संतान सप्तमी व्रत और पूजा विधि

  • व्रत रखने वाली महिलाएं सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और संतान गोपाल की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
  • संतान की मंगलकामना के लिए विशेष मंत्रों का जाप करें।
  • पूरे दिन उपवास रखा जाता है और संध्या काल में कथा सुनकर व्रत का समापन किया जाता है।
  • अंत में प्रसाद का वितरण कर संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

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