भाजपा ने अपनाया नया फॉर्मूला
दरअसल संगठन द्वारा तय नए फॉर्मूले में पर्यवेक्षकों द्वारा जिलों के सांसद, विधायकों सहित अन्य से नाम लिए हैं। ऐसे में इनके द्वारा उन्हीं लोगों के नाम दिए हैं, जो इनके करीबी हैं। या इनके मुताबिक संगठनात्मक कार्य करेंगे। ऐसे में जमीनी कार्यकर्ताओ को इस बात का डर है कि उनका नाम पैनल में भेजा जाएगा या नहीं। जिलों में हुई रायशुमारी में क्षेत्रीय क्षत्रपों ने अपनी चलाने की कोशिश की है। कई नेताओं ने खुद भी अपने चहेतों का नाम दिया है और जिला अध्यक्षों से भी अपने चहेते का नाम ही पर्यवेक्षकों को दिलवाया गया है। संगठन ऐसे नामों पर कड़ाई से पड़ताल की योजना पहले ही बना चुका है।
21 अगस्त से वन टू वन चर्चा
प्रदेश संगठन पर्यवेक्षकों से मिले लिफाफे 21 अगस्त से खोलेगा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन महामंत्री हितानंद, पर्यवेक्षक और जिलों के अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। जिनसे एक-एक नाम पर चर्चा की जाएगी।